Thursday, 10 October 2013

चाहत : एक कलीं उम्मीदों की

उम्मीदों के रोशन चमन में,
एक नया सवेरा छाया हैं,
एक नन्ही कलीं चाहत की,
नयी चाहत भरने आया हैं,

चाहत हैं जज्बो मैं,
नए पथ कें, नए सपनों में,
चाहत हैं आँखों में,
नए खुशी के, नए आँसू में,
क्या? एक नया सवेरा छाया हैं,
एक नन्ही कलीं चाहत की
नयी चाहत भरने आया हैं,

उम्मीदों के रोशन चमन में,
एक नया सवेरा छाया हैं,
एक नन्ही कलीं चाहत की,
नयी चाहत भरने आया हैं,

चाहत कुछ करने का,
नयी राहों पर बढ़ने का,
चाहत कुछ भरने का,
नयी कश्ती में गुजरने का,
हाँ, एक नया सवेरा छाया हैं,
एक नन्ही कलीं चाहत की
नयी चाहत भरने आया हैं,

उम्मीदों के रोशन चमन में,
एक नया सवेरा छाया हैं,
एक नन्ही कलीं चाहत की,
नयी चाहत भरने आया हैं,




वादें.......एक अजनबी एहसास

वादों का आजकल तो क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
कभी कभी कुछ सपनो का गहना हैं,
फिर भी वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,

सब संजोते हैं यादे इन्ही वादों पर,
कभी हलकी हलकी सी बारिश
कभी वर्षा की भरी बरसात हैं,
कुछ तो है इन वादों में,
भरा भरा सा रहता हैं,
फिर भी, वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,

वादों का आजकल तो क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
कभी कभी कुछ सपनो का गहना हैं,
फिर भी वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,