वादों का आजकल तो क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
कभी कभी कुछ सपनो का गहना हैं,
फिर भी वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
सब संजोते हैं यादे इन्ही वादों पर,
कभी हलकी हलकी सी बारिश
कभी वर्षा की भरी बरसात हैं,
कुछ तो है इन वादों में,
भरा भरा सा रहता हैं,
फिर भी, वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
वादों का आजकल तो क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
कभी कभी कुछ सपनो का गहना हैं,
फिर भी वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
कभी कभी कुछ सपनो का गहना हैं,
फिर भी वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
सब संजोते हैं यादे इन्ही वादों पर,
कभी हलकी हलकी सी बारिश
कभी वर्षा की भरी बरसात हैं,
कुछ तो है इन वादों में,
भरा भरा सा रहता हैं,
फिर भी, वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
वादों का आजकल तो क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,
कभी कभी कुछ सपनो का गहना हैं,
फिर भी वादों का क्या कहना हैं,
कभी यहाँ तो कभी वहाँ रहना हैं,

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